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Prayers


India is my Country
All Indians / are my brother and sisters,
I Love my country
And I am proud / of its rich /
and varied heritage,
I shall always strive / to be worthy of it,
I shall give respect / to my parents,
Teacher / classmates / and all elders /
and treat everyone / with courtesy,
To my country / and my people /
I pledge my devotion,
In their well being / and prosperity alone /
lies my happiness

Bless us, O Lord, and these your gifts,
Which we are about to receive from
your bounty.

We give you thanks, Almighty GOD,
for all the benefits
We have received from your bounty.

Oh my god, We offer you, The studies,
which we have, just done , Accept them and
bless our teachers, parents, companions
and me
Help us, to be good, always

Dear God,
We open the doors of the School and invite you in.
Please be in our lessons and help us to concentrate and learn.
Help us to share, care and love for one another
Watch over us and protect us as we run, play and study.
Please be a part of everything we do today
Thank you God for everything

God's Love is so wonderful........3
Oh" wonderful love
So high you can't get over it.
So wide you can't get around it.
Watch over us and protect us as we run, play and study.
Oh" wonderful love.

Dear God,
Thank Him, thank him
Thank Him, thank morning
Thank Him, thank noon time
Thank Him, thank him, thank him
When the sun goes down.

Every morning when the day's begun,
I thank the lord for all he has done.
Every evening I kneel to say
Thank you lord for another day.

Thank you for the sun my lord,
Thank you for the moon,
Thank you for the days and nights,
morning and afternoons
Thank you for the water lord
The rain that soaks the ground
Thank you for the rivers lord
Fishes that swim around.

जन गण मण अधिनायक जय हे |
भारत भाग्य विधाता |
पंजाब सिंध गुजरात मराठा |
द्राविड़ उत्कल बंगा
विंद्या हिमाचल यमुना गंगा
उछल जलधि तरंग
तव शुभ नामे जागे
तव शुभ आशीष मागे
गाहे तव जय गाथा
जन गण मंगलदायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
जय हे! जय हे! जय हे!
जय, जय, जय, जय हे!

ॐ भुर्भुव स्वः |
तत्स्वितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि |
धियो यो ण प्रचोदयात |


सरस्वती वंदना

ॐ असतो मा सद्गमय ।
तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
मृत्योर्मा अमृतं गमय ।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥


(From the Unreal lead me to the Heal,
From Darkness lead me to Light. From
Death lead me to immortality)

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलिस्तां हमारा

ग़ुर्बत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में
समझो वहीं हमें भी दिल है जहाँ हमारा

परबत वह सबसे ऊँचा, हम्साया आसमाँ का
वह संतरी हमारा, वह पासबाँ हमारा

गोदी में खेलती हैं इसकी हज़ारों नदियाँ
गुल्शन है जिनके दम से रश्क-ए-जनाँ हमारा

ऐ आब-ए-रूद-ए-गंगा! वह दिन हैं याद तुझको
उतरा तेरे किनारे जब कारवाँ हमारा

मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
हिन्दी हैं हम, वतन है हिन्दोस्तां हमारा

यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रूमा सब मिट गए जहाँ से
अब तक मगर है बाक़ी नाम-ओ-निशाँ हमारा

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा

इक़्बाल! कोई महरम अपना नहीं जहाँ में
मालूम क्या किसी को दर्द-ए-निहाँ हमारा

होंगे कामयाब, होंगे कामयाब,
हम होंगे कामयाब एक दिन,
हो, हो, मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब एक दिन

होगी शान्ति चारों ओर
होगी शान्ति चारों ओर
होगी शान्ति चारों ओर एक दिन
हो, हो, मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास
होगी शान्ति चारों ओर एक दिन

हम चलेंगे साथ साथ
डाले हाथों में हाथ
हम चलेंगे साथ साथ एक दिन
हो, हो, मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास
हम चलेंगे साथ साथ एक दिन

नहीं डर किसी का आज
नहीं भय किसी का आज
नहीं डर किसी का आज के दिन
हो, हो, मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास
नहीं डर किसी का आज के दिन